Chapter 7 – प्रत्यावर्ती धारा

(1) प्रत्यावर्ती धारा का ऊष्मीय प्रभाव प्रमुखत है –

जूल ऊष्मन
पेल्टियर ऊष्मन
टॉमसन प्रभाव
इनमें से कोई नहीं

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जूल ऊष्मन

(2) प्रतिघात का मात्रक होता है –

ओम
फैराडे
एम्पेयर
म्हो

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ओम

(3) किसी LCR परिपथ में ऊर्जा का क्षय होता है?

प्रेरक में
प्रतिरोधक में
धारित्र में
इनमें से कोई नहीं

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प्रेरक में

(4) निम्नलिखित में से किसके लिए संधारित्र अनंत प्रतिरोध की तरह कार्य करता है?

DC
AC
DC तथा AC दोनों
(इनमें से कोई नहीं

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DC

(5) तप्त-तार आमीटर मापता है, प्रत्यावर्ती धारा का –

उच्चतम मान
औसत मान
मूल औसत वर्ग धारा
इनमें से कोई नहीं

उत्तर देखे
मूल औसत वर्ग धारा

(6) L-C परिपथ को कहा जाता है?

दोलनी परिपथ
अनुगामी परिपथ
शैथिल्य परिपथ
इनमें से कोई नहीं

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दोलनी परिपथ

(7) भारत में आपूर्ति की जा रही प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति है –

50 हर्ट्स
60 हर्ट्ज
100 हर्ट्स
220 हर्ट्स

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50 हर्ट्स

(8) चोक कुण्डली का कार्य सिद्धान्त निम्न पर आधारित है –

कोणीय संवेग संरक्षण
स्वप्रेरण
अन्योन्य प्रेरण
संवेग संरक्षण

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स्वप्रेरण

(9) प्रतिबाधा (Impedance) का S.I. मात्रक होता है?

हेनरी
ओम
टेसला
इनमें से कोई नहीं

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ओम

(10) युक्ति जो वोल्टता को बढ़ा देता है उसे क्या कहते हैं?

प्रतिरोध
अपचायी ट्रांसफॉर्मर
उच्चायी ट्रांसफॉर्मर
ट्रांसफॉर्मर

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अपचायी ट्रांसफॉर्मर