Class 12th Political Science Notes Chapter 2

* शीतयुद्ध के प्रतीक 1961 में बनी बर्लिन की दीवार को 9 नवंबर 1989 को जनता द्वारा तोड़ दिया गया।

* 25 दिसम्बर 1991 को सोवियत संघ का विघटन हो गया। सोवियत संघ का जन्म, व्यवस्था( प्रणाली)

* 1917 की रूसी बोल्शेविक क्रांति के बाद समाजवादी सोवियत गणराज्य संघ (U.S.S.R.) अस्तित्व में आया।

* सोवियत संघ में समतावादी समाज के निर्माण के लिए केंद्रीकृत योजना, राज्य के नियंत्रण पर आधारित और साम्यवदी दल द्वारा निर्देशित व्यवस्था सोवियत प्रणाली कहलायगी।

सोवियत प्रणाली की विशेषताएँ :-

1) सोवियत प्रणाली पूंजीवादी व्यवस्था का विरोध तथा समाजवाद के आदर्शों से प्रेरित थी।
2) सोवियत प्रणाली में नियोजित अर्थव्यवस्था थी।
3) कम्यूनिस्ट पार्टी का दबदबा था।
4) न्यूनतम जीवन स्तर की सुविधा
5) बेरोजगारी न होना।
6) उन्नत संचार प्रणाली।
7) मिल्कियत का प्रमुख रूप राज्य का स्वामित्व।
8) उत्पादन के साधनों पर राज्य का नियंत्रण था।

दूसरी दुनिया :- पूर्वी यूरोप के देशों को समाजवादी प्रणाली की तर्ज पर ढाला गया था, इन्हें ही समाजवादी खेमे के देश या दूसरी दुनिया कहा गया।

मिखाइल गोर्बाचेव :- 1980 के दशक में मिखाइल गोर्बाचेव ने राजनीतिक सुधारों तथा लोकतांत्रीकरण को अपनाया उन्होंने पुर्नरचना। (पेरेस्त्रोइका) व खुलापन (ग्लासनोस्त) के नाम से आर्थिक सुधार लागू किए)

सोवियत संघ समाप्ति की घोषणा :- 1991 में बोरिस येल्तसिन के नेतृत्व में पूर्वी यूरोप के देशों ने तथा रूस, यूक्रेन व बेलारूस ने सोवियत संघ की समाप्ति की घोषणा की।

* CIS (स्वतन्त्र राज्यों का राष्ट्रकुल) बना 15 नए देशों का उदय

* सोवियत संघ के विघटन के कारण :-

1. नागरिकों की राजनीतिक और आर्थिक आंकाक्षाओं को पूरा न कर पाना।
2. सोवियत प्रणाली पर नौकरशाही का शिकंजा
3. कम्युनिस्ट पार्टी का अंकुश।
4. संसाधनों का अधिकतम उपयोग परमाणु हथियारों पर।
5. प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे में पश्चिम के मुकाबले पीछे रहना ।
6. रूस की प्रमुखता।
7. गोर्बाचेव द्वारा किए गए सुधारों का विरोध होना।
8. अर्थव्यवस्था गतिरूद्ध व उपभोक्ता वस्तुओं की कमी।
9. राष्ट्रवादी भावनाओं और सम्प्रभुता की इच्छा का उभार।
10. सोवियत प्रणाली का सत्तावादी होना
11. पार्टी का जनता के प्रति जवाबदेह ना होना।

* सोवियत संघ के विघटन के परिणाम :-

1. शीतयुद्ध का संघर्ष समाप्त हो गया।
2. एक ध्रुवीय विश्व अर्थात् अमरीकी वर्चस्व का उदय
3. हथियारों की होड़ की समाप्ति सोवियत खेमे का अंत और 15 नए देशों का उदय।
4. सोवियत खेमे का अंत और 15 नए देशों का उदय।
5. रूस सोवियत संघ का उत्तराधिकारी बना।
6. विश्व राजनीति में शक्ति संबंध परिवर्तित हो गए।
7. समाजवादी विचारधारा पर प्रश्नचिन्ह या पूजीवादी उदारवादी व्यवस्था का वर्चस्व।

* शॉक थेरेपी :- शाब्दिक अर्थ है आघात पहुँचाकर उपचार करना। साम्यवाद के पतन के बाद सोवियत संघ के गणराज्यों को विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा निर्देशित साम्यवाद से पूंजीवाद की ओर संक्रमण (परिवर्तन) के मॉडल को अपनाने को कहा गया। इसे ही शॉक थेरेपी कहते है।

* शॉक थेरेपी की विशेषताएँ :-

1. मिल्कियत का प्रमुख रूप निजी स्वामित्व।
2. राज्य की संपदा का निजीकरण।
3. सामूहिक फार्म की जगह निजी फार्म।
4. मुक्त व्यापार व्यवस्था को अपनाना।
5. मुद्राओं की आपसी परिवर्तनीयता।
6. पश्चिमी देशों की आर्थिक व्यवस्था से जुड़ाव।
पूंजीवाद के अतिरिक्त किसी भी वैकल्पिक व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया गया।

* शॉक थेरेपी के परिणाम

1. पूर्णतया असफल, रूस का औद्योगिक ढांचा चरमरा गया।
2. रूसी मुद्रा रूबल में गिरावट।
3. समाज कल्याण की पुरानी व्यवस्था नष्ट
4. 90 प्रतिशत उद्योगों को निजी हाथों या कम्पनियों को कम दामों (औने-पौने) दामों में बेचा गया जिसे इतिहास की सबसे बड़ी गराज सेल कहा जाता है।
5. आर्थिक विषमता बढ़ी।
6. खाधान्न संकट हो गया।
7. माफिया वर्ग का उदय।
8. कमजोर संसद व राष्ट्रपति को अधिक शक्तियाँ जिससे सत्तावादी राष्ट्रपति शासन।

* संघर्ष व तनाव के क्षेत्र :- पूर्व सोवियत संघ के अधिकांश गणराज्य संघर्ष की आशंका वाले क्षेत्र है। इन देशों में बाहरी ताकतों की दखलंदाजी भी बढ़ी है। रूस के दो गणराज्यों चेचन्या और दागिस्तान में हिंसक अलगाववादी आन्दोलन चले। चेकोस्लोवाकिया दो भागों चेक तथा स्लोवाकिया में बंट गया।

* बाल्कन क्षेत्र :- बाल्कन गणराज्य युगोस्लाविया गृहयुद्ध के कारण कई प्रान्तों में बँट गया। जिसमें शामिल बोस्निया हर्जेगोविना, स्लोवेनिया तथा क्रोएशिया ने अपने को स्वतंत्र घोषित कर दिया।

* बाल्टिक क्षेत्र :- वाल्टिक क्षेत्र के लिथुआनिया ने मार्च 1990 में अपने आप को स्वतन्त्र घोषित किया। एस्टोनिया, लताविया और लिथुआनिया 1991 संयुक्त राष्ट्रसंघ के सदस्य वने। 2004 में नाटो में शामिल हुए।

* मध्य एशिया :- के तजाकिस्तान में 10 वर्षों तक यानी 2001 तक गृहयुद्ध चला। अजरबेजान, अर्मेनिया, यूक्रेन, किरगिझस्तान, जार्जिया में भी गृहयुद्ध की स्थिति हैं।

मध्य एशियाई गणराज्यों में पेट्रोल के विशाल भंडार है। इसी कारण से यह क्षेत्र बाहरी ताकतों और तेल कंपनियों की प्रतिस्पर्धा का अखाड़ा भी बन गया है।

* पूर्व साम्यवादी देश और भारत :-

1. पूर्व साम्यवादी देशों के साथ भारत के संबंध अच्छे है, रूस के साथ विशेष रूप से प्रगाढ़ है।
2. दोनों का सपना बहुधवीय विश्व का है।
3. दोनों देश सहअस्तित्व, सामूहिक सुरक्षा, क्षेत्रीय सम्प्रभुता, स्वतन्त्र विदेश नीति, अन्तराष्ट्रीय झगड़ों का वार्ता द्वारा हल, संयुक्त राष्ट्रसंघ के सुदृढ़ीकरण
तथा लोकतंत्र में विश्वास रखते है।
4. 2001 में भारत और रूस द्वारा 80 द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर
5. भारत रूसी हथियारों का खरीददार।
6. रूस से तेल का आयात।
7. परमाण्विक योजना तथा अंतरिक्ष योजना में रूसी मदद।
8. कजाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के साथ उर्जा आयात बढ़ाने की कोशिश।
9. गोवा में दिसम्बर 2016 में हुए ब्रिक्स (BRICS) सम्मलेन के दौरान रूस-भारत के बीच हुए 17 वें वार्षिक सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतीन के बीच रक्षा, परमाणु उर्जा, अंतरिक्ष अभियान समेत आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने एवं उनके लक्ष्यों की प्राप्ति
पर बल दिया गया

बर्लिन की दीवार:-

1)पूर्वी और लक्ष्मी खेमे के बीच विभाजन का प्रतीक था यह (U.S.S.R) और (U.S) के बीच में था।
2) बर्लिन की दीवार यूरोप महादीप मे- जर्मनी देश की राजधानी “बर्लिन” मे थी।
3) 1961 में खड़ी की गई थी बर्लिन की दीवार
4) बर्लिन की दीवार 28 साल तक खड़ी रही थी।
5) बर्लिन की दीवार 150 किलोमीटर लंबी थी।
6) बर्लिन की दीवार को 9 नवंबर 1989 में गिराई गई थी।

(U.S.S.R) = का पूरा नाम = समाजवादी सोयत गणराज्य

सोवियत प्रणाली :- * रूस की क्रांति 1917 मैं हुई इस क्रांति मैं पूंजीवाद का विरोध किया गया और समाजवाद को अपनाने की बात की गई यही सोवियत प्रणाली है।
* सोवियत संघ में “कम्युनिस्ट” पार्टी ने 70 साल तक शासन किया
दूसरी दुनिया के देश सोवियत संघ में शामिल पूर्व यूरोप के देश को दूसरी दुनिया का नाम से जाना गया।

प्रसन 1.सोवियत संघ की विशेषता।

उत्तर :-1)खनिज संसाधन उपलब्ध थे जैसे (खनिज,लोहा, तेल)
2)संचार जैसे रेडियो या कोई खबर सब को बतानी हो यह बहुत अच्छा था ।
3)दूसरी जहां पर जाने के लिए अच्छी गाड़ियां थी ।
4)सोवत संघ में अपना सामान खुद बनाता था जैसे पिन,गाड़ी आदि।
5) लेकिन सोवियत संघ अमेरिका से अच्छी चीजें नहीं बना पाता था।
6) सोवियत संघ ने अपना जनता के लिए रोटी,कपड़ा,मकान यह सब उपलब्ध करा रखा था। जैसे = अस्पताल सुविधा शिक्षा बच्चों की देखभाल यह सभी चीजें कम पैसे में उपलब्ध थी।
7) सोबत संग में बेरोजगारी नहीं थी।
8) यहां पर सरकार का शासन था।
9) जमीन और कोई चीज पर सरकार का नियंत्रण था।

प्रसन 2. सोवियत संघ में कौन-कौन सी कमियां है।

उत्तर :- 1) सरकारी लोगों का शिंकजा जा करता चला गया।
2) यह प्रणाली सत्तावादी हो गई यहां जनता की कोई नई सुनता था।
3) लोगों का जीवन कठिन हो गया था।
4) सोवियत संघ में अपनी बात बोलने की आजादी रही थी।
5) सोयत संग की जादातर संस्थाओं में सुधार की जरुरत थी।
6) एक दल का शासन था और कम्युनिस्ट पार्टी जनता के बारे में ज्यादा नहीं सोचती थी।
7) शोभित संघ 15 देशों से मिलकर बना था उनमें से सबसे ज्यादा रूंस की
चलती थी और बाकी 14 देश अपने आप को दबा हुआ महसूस करते थे।
8) संसाधनों का ज्यादा उपयोग हथियार में होता था।
9) जनता की जरुरतों को पुरा नहीं कर पा रहा था।
10) 1979 में अफगानिस्तान के मामले में हस्तक्षेप किया।
11) उपभोक्ता वस्तुओं की कमी हो गई थी।
12) इस प्रकार सोवियत संघ को नुकसान हुआ था

प्रसन 3. सोवियत संघ के विघटन के कारण बताओ?

उत्तर :- 1) सोवियत संघ की राजनीतिक और आर्थिक संस्थाओं मैं अंदरूनी कमजोरी के कारण।
2) संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग हथियार के लिए किया जाता था।
3) कम्युनिस्ट पार्टी का बुरा शासन।
4) सोवियत संघ ने अपना पैसा और संसाधन पूर्वी यूरोप में अधिक लगाया ताकि वह उनकी नियंत्रण में बने रहे।
5) जनता के प्रति कम्युनिस्ट पार्टी का जवाबदेह ना होना।
6) लोगों को गलत जानकारी दी गई की सोवियत संघ विकास कर रहा है।
7) कम्युनिस्ट पार्टी में भ्रष्टाचार,गतिरोध,कमियां थी।
8) पार्टी के लोगों को विशेष अधिकार प्राप्त थे जिससे जनता उन्हें अपने से जोड़ कर नहीं देख पा रही थी।
9) मिखाइल गोर्बाचेव ने सुधार करने की सोची लेकिन इनकी पार्टी के लोगों ने उनका साथ नहीं दिया।
10) सोवियत संघ में नौकरशाही का शिकंजा था।
11) राष्ट्रवादी भावना और संप्रभुता की इच्छा का उभार! वहां के लोगों को यह पता चल गया था कि सोवियत संघ टूट रहा है! और वह कि जनता अपना अधिकार चाहती थी।

प्रसन 4. सोवियत संघ के विघटन के परिणाम बताओ?

उत्तर :- 1) शीत युद्ध की समाप्ति।
2) दूसरी दुनिया खत्म हो गई थी।
3) हथियारों की होड़ रुक गई थी।
4) विचारधाराओं की लड़ाई खत्म हो गई थी।
5) अमेरिका एकमात्र महाशक्ति बन गया था।
6) विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसी संस्था ताकतवर देशों की सलाहकार बनी गई।
7) नए देश का जन्म हुआ।
8) शॉक थेरेपी को अपनाया गया।
9) उदारवादी लोकतंत्र का महत्व बढ़ा।

प्रसन 5. शॉक थेरेपी से आप क्या समझते हैं?

उत्तर :- सोवियत संघ के विघटन के बाद पूर्वी सोवियत संघ के बड़े देशों को अब समाजवाद व्यवस्था को छोड़कर पूंजीवाद व्यवस्था अपनाने की सोचने लगे। जैसे अमेरिका पूंजीवाद को अपनाकर अपने आप को आर्थिक तथा राजनीतिक विषयों को मजबूत कर रहा है और ऐसा हम भी करेंगे रूस मध्य एशिया के गणराज्य और पूर्वी यूरोप के देश में पूंजीवाद के लिए एक विशेष मॉडल अपनाया गया।
* (विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा निर्देशित इस मॉडल को शॉक थेरेपीगया।
आघात पहुंचाकर उपचार करना कहां गया।

प्रसन 6. शॉक थेरेपी को अपनाकर पूर्व सोवियत संघ के देशों ने क्या बदलाव किया?

उत्तर :- 1) पूंजीवाद अर्थव्यवस्था को अपनाया गया।
2) निजी स्वामित्व को अपनाया गया।
3) सामूहिक फार्म को निजी फार्म मैं बदला गया।
4) पूंजीवाद प्रव्दति से खेती की जाने लगी मशीनों का ज्यादा इस्तेमाल खेती के लिए किया गया।
5) अब ऐसा माना जाने लगा कि ज्यादा से ज्यादा व्यापार से ही विकास होगा।
6) मुक्त व्यापार अपनाया गया ।
7) अब आपस में व्यापार ना करके पश्चिमी देशों से व्यापार किया जाने लगा।

प्रसन 7. शॉक थेरेपी के क्या परिणाम रहे?

उत्तर :- 1) शॉक थेरेपी से पूरी अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गई
2) जनता को बर्बादी की मार झेलनी पड़ी
3) रूस में पूरा राज्य – नियंत्रित औद्योगिक ढांचा चमारा उठा
4) महत्वपूर्ण उद्योगों को कम से कम दामों में बेच आ गया।
5) शॉक थेरेपी के कारण इतिहास की सबसे बड़ी गरम सेल कहा गया।
6) रूसी मुद्रा रूबल में गिरावट आई
7) महंगाई बढ़ गई ।
8) लोगों ने जो पैसे बचा रहे थे अब वह खर्च हो रहे।
9) सामूहिक खेती की प्रणाली खत्म हो गई। थी अब खाघान की सुरक्षा मौजूद नहीं रही।
10) खाघान का आयात करना पड़ा
11) सकल घरेलू उत्पाद गिर गई सरकारी छुट खत्म हो गई ज्यादातर लोग गरीब हो गए। जैसे अस्पताल में कम दामों में इलाज होना शिक्षा आदि।
12) माफिया वर्ग उधना।
14) अमीर और अमीर होने लगे गरीब और गरीब हो रहे थे।

एक अंक वाले प्रश्न :-
1. द्विधुवीयता का अर्थ तताएँ।

उत्तर :- विश्व में सत्ता के दो केन्द्रों (ध्रुवों) का होना। संयुक्त राज्य अमेरिका तथा सोवियत संध।

2. बर्लिन की दीवार ………….. का प्रतीक थी।

उत्तर :- शीतयुद्ध

3. समाजवादी सोवियत गणराज्य कब अस्तित्व में आया ?

उत्तर :- 1917

4. दूसरी दुनिया किसे कहा जाता है?

उत्तर :- पूर्वी यूरोप के समाजवादी खेमे के देशों को।

5. CIS का पूरा नाम लिखे।

उत्तर :- स्वतन्त्र राज्यों का राष्ट्रकुल-कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेनडेंट स्टेट्स

6. बर्लिन की दीवार कब गिराई गई?

उत्तर :- 9 नवम्बर 1989

7. USSR का उत्तराधिकारी किसे बनाया गया।

उत्तर :- रूस

8. सोवियत संघ में सुधारों की किस नेता ने शुरूआत की।

उत्तर :- मिखाइल गोर्बाचेव

9. चेकोस्लोवाकिया किन दो भागों में टूटा था?

उत्तर :- चेक तथा स्लोवाकिया

10. सोवियत संघ द्वारा नाटो के विरोध में कब व कौन सा सैन्य गठबंधन बनाया था?

उत्तर :- वारसा पैक्ट, 1955

11. सर्वप्रथम सोवियत संघ से अलग होने वाले गणराज्यों के नाम लिखे।

उत्तर :- रूस, यूक्रेन

12. रूस के किन दो गणराज्यों में अलगाववादी आन्दोलन चले।

उत्तर :- चेचन्या, दागिस्तान

13. सोवियत राजनीतिक प्रणाली ………….की विचारधारा पर आधारित थी।

उत्तर :- समाजवाद

14. सोवियत संघ कितने गणराज्यों को मिलकर बना था ?

उत्तर :- पन्द्रह

15. वर्तमान राजनैतिक परिपेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि विश्व कितने ध्रुवीय है ?

उत्तर :- यहुभ्रुवीय

16. USSR कब अस्तित्व में आया?

उत्तर :- 1917 की समाजवादी क्रांति के वाद USSR अस्तित्व में आया।

17. सोवियत संघ से अलग होने की घोषणा सर्वप्रथम किन गणराज्यों ने की ?

उत्तर :- रूस, यूक्रेन व बेलारूस

18. 1991 में यूगोस्लाविया के टूटने से बने दो राष्ट्रों का नाम लिखें।

उत्तर :- बोसनिया, हर्जेगोबिना

19. सोवियत व्यवस्था के निर्माताओं ने निम्न से किसको महत्व नहीं दिया।

क) निजी संपत्ति की समाप्ति
ख) समानता के सिद्धान्त पर समाज का निर्माण।
ग) विरोधी दल का अस्तित्व नहीं।
घ) अर्थव्यवस्था पर राज्य का कोई नियन्त्रण नहीं। सोवियत प्रणाली की जनहित के पक्ष में एक विशेषता का उल्लेख कीजिए।

उत्तर :- (क)

20. सोवियत प्रणाली की जनहित के पक्ष में एक विशेषता का उल्लेख कीजिए।

उत्तर :- सभी नागरिकों के लिए न्यूनतम जीवन स्तर निश्चित था।

सही विकल्प का चयन कीजिए :-

21. NATO के जवाब में सोवियत संघ ने सैन्य संधि की

1) सीटो 2) सेन्टो 3) सार्क 4) वारसा 22.

उत्तर :- वारसा

22. सोवियत संघ के विघटन के समय कम्युनिष्ट पार्टी के महासचिव थे।

क) बोरिस येल्तसिन ख) निकिता खुश्चेव

ग) मिखाइल गोर्बाचेव घ) ब्लादिमीर पुतिन

उत्तर :- मिखाइल गोचिव

23. सोवियत संघ में शामिल गणराज्यों की संख्या थी।

i) 10 ii) 15 iii) 20 . iv) 18

उत्तर :- 15

दो अंकीय प्रश्न :-
1. शॉक थेरेपी से क्या अभिप्राय है?

उत्तर :- आघात पहुँचाकर उपचार करना। साम्यवाद से पूंजीवाद की ओर संक्रमण का विशेष मॉडल।

2. सोवियत संघ से अलग हुए किन्हीं दो मध्य एशियाई देशों के नाम बताएँ।

उत्तर :- ताजिकिस्तान, यूक्रेन, जार्जिया।

3. ताजिकिस्तान में हुआ गृहयुद्ध कितने वर्षों तक चलता रहा और यह गृह युद्ध कब समाप्त हुआ।

उत्तर :- 10 वर्षों तक, 2001 में।

4. कालक्रमानुसार लिखे अफगान संकट, रूसी क्रांति, बर्लिन की दीवार का गिरना, सोवियत संघ का विघटन।

उत्तर :- रूसी क्रांति, अफगान संकट, बर्लिन की दीवार का गिरना, सोवियत संघ का विघटन।

5. सुमेलित करें:-

शॉक थेरेपी – सोवियत संघ का उत्तराधिकारी।
रूस – सैन्य समझौता
बोरिस येल्तसिन – आर्थिक मॉडल
वारसा – रूस के राष्ट्रपति

उत्तर :- शॉक थेरेपी – आर्थिक मॉडल
रूस – सोवियत संघ का उत्तराधिकारी
बोरिस येल्तसिन – रूस के राष्ट्रपति
वारसा – सैन्य समझौता

6. इतिहास की सबसे बड़ी गराज सेल किसे और क्यों कहा जाता है?

उत्तर :- शॉक थेरेपी मॉडल को अपनाने पर रूस के 90 प्रतिशत उद्योगों को निजी हाथों या कंपनियों को औने-पौने दामों पर बेचा गया। यही इतिहास की बड़ी गराज सेल।

7. शॉक थेरेपी के दो परिणाम बताओ।

उत्तर :- (i) रूसी मुद्रा स्वल के मूल्य में गिरावट।
(ii) पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था चरमरा गई।

चार अंकीय प्रश्न :-
1. साम्यवादी सोवियत अर्थव्यवस्था तथा पूँजीवादी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में घार अंतर बताएँ।

उत्तर :- • सोवियत अर्थव्यवस्था
(i) राज्य द्वारा पूर्ण रूपेण नियंत्रित
(ii) योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था
(iii) व्यक्तिगत पूंजी का अस्तित्व नहीं
(iv) समाजवादी आदर्शों से प्रेरित
(v) उत्पादन के साधनों पर राज्य का स्वामित्व।

• अमेरिका की अर्थव्यवस्था
(i) राज्य का न्यूनतम हस्तक्षेप
(ii) स्वतंत्र आर्थिक प्रतियोगिता पर आधारित
(ii) व्यक्तिगत पूंजी की महत्ता।
(iv) अधिकतम लाभ के पूंजीवादी सिद्धांत।
(v) उत्पादन के साधनों पर बाजार का नियंत्रण।

2. गोबचिव तो रोग का निदान ठीक कर रहे थे व सुधारों का प्रयास भी ठीक था, फिर भी सोवियत संघ का विघटन क्यों हुआ?

उत्तर :- गोचिव ने लोगों के आक्रोश को कम करने व अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासनिक ढांचे में ढील देने का निश्चय किया। परंतु व्यवस्था में ढील
देते ही नागरिकों की अपेक्षाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। जिस पर काबू पाना कठिन हो गया। कुछ आलोचकों के अनुसार गोर्याचेव की कार्य पद्धति तीव्र नहीं थी। एक बार स्वतंत्रता का स्वाद चखने के बाद जनता ने साम्यवाद की और लौटने से इंकार कर दिया।

3. भारत जैसे देश के लिए सोवियत संघ के विघटन का परिणाम क्या हुआ?

उत्तर :- भारत जैसे विकासशील देशों में सावियत संघ के विघटन के परिणाम –
(i) विकासशील देशों की घरेलु राजनीति में अमेरिका को हस्तक्षेप का अधिक अवसर मिल गया।
(ii) कम्यूनिस्ट विचारधारा को धक्का।
(iii) विश्व के महत्वपूर्ण संगठनों पर अमेरिकी प्रभुत्व (I.M.E, World Bank)
(iv) बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत व अन्य विकासशील देशों में अनियंत्रित प्रवेश की सुविधा।

4. क्या शॉक थेरेपी साम्यवाद से पूंजीवाद की ओर संक्रमण का सबसे बेहतर तरीका थी। तर्क दीजिए। (Imp.)

उत्तर :- नहीं, परिवर्तन तुरंत किए जाने की अपेक्षा धीरे-धीरे होने चाहिए थे। वहाँ की परिस्थितियाँ अचानक आघात सहन करने की नहीं थी।

5. गोर्बाचोव सोवियत व्यवस्था में सुधार क्यों चाहते थे ?

उत्तर :- गोर्वाचोव 1985 में कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव चुने गए जो बाद में सोवियत संघ के राष्ट्रपति बने जो कि निम्न कारणों से सोवियत व्यवस्था में सुधार चाहते थे:-

(i) सोवियत संघ में सूचना एवं तकनीकी विस्तार के लिए।
(ii) सोवियत अर्थव्यवस्था को अधिक प्रगतिशील बनाने के लिए।
(iii) प्रशासनिक व्यवस्था को अत्याधिक जवाबदेह बनाने के लिए।
(iv) सोवियत व्यवस्था को अत्याधिक लोकतांत्रिक बनाने के लिए।
(V) पश्चिम के साथ रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए।

पाँच अंक वाले प्रश्न :-
1. रूसी मुद्रा के मूल्य में नाटकीय ढंग से गिरावट आयी। मुद्रा स्फीति इतनी ज्यादा बढ़ी कि लोगों की जमा पूंजी जाती रही। सामूहिक खेती की प्रणाली
समाप्त हो चुकी थी। लोगों को अब खाद्यान्न की सुरक्षा मौजूद नहीं रही।
(i) रूसी मुद्रा का नाम क्या है।
(ii) सामूहिक खेती प्रणाली क्या होती है?
(iii) यहाँ किस धेरेपी के परिणाम बताये जा रहे हैं? उस थेरेपी का अर्थ वताये ?

उत्तर :- (i) रूबल।
(ii) भूमि पर राज्य का स्वामित्व व कृषि कार्य लोगों द्वारा सामूहिक रूप से राज्य के नियंत्रण में करना। (iii) शॉक थेरेपी साम्यवाद से पूँजीबाद की ओर संक्रमण का विशेष मॉडल शॉक थेरेपी कहलाता है।

छ: अंकीय प्रश्न :-
1. क्या आप मानते है कि सोवियत संघ के विघटन के बाद भारत को अपनी विदेश नीति बदल लेनी चाहिए तथा रूप जैसे परम्परागत मित्र की जगह अमेरिका से दोस्ती करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?

उत्तर :- 1.) अन्तराष्ट्रीय जगत में न कोई स्थायी शत्रु होता है और न ही स्थायी मित्र। वरन् राष्ट्रहित सर्वोपरि होते है।

अतः अंतरराष्ट्रीय बदलाव के कारण प्रत्येक देश के लिए अनिवार्य है कि वह अपने आपको बदलाव के अनुसार ढाल ले। भारत ने भी विश्व व्यवस्या में स्वयं को वाला है। रूस के साथ भारत के संबंध मित्रवत् एवं सहयोगपूर्ण है। पर अपने विकास के लिए परोक्ष रूप से अमरीकी नीतियों का समर्थन भी करना पड़ रहा है। भारत अपने संबंध अमरीका से मजबूत एवम् बेहतर बना रहा है। पर रूस के साथ भी पहले की भांति अच्छे संबंध बनाए रखें।

2. द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात सोवियत संघ के विश्व शक्ति बनने के किन्ही छ कारणों को स्पष्ट करें।

उत्तर :- (i) पूर्वी यूरोप एवं सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था को सामूहिक रूप से द्वि तीय विश्व का नाम दिया गया जो कि इसकी शक्ति का परिचायक था।
(ii) वारसा पैक्ट सैनिक गठबंधन का नियन्त्रण सोवियत के पास।
(iii) सोवियत अर्थव्यवस्था विश्व के विकसित अर्थव्यवस्थाओं में काफी आगे थी।
(iv) उन्नत संचार व्यवस्था, उर्जा संसाधन, तेल, लोहा, स्टील आदि का उन्नत भंडार होना एवं राष्ट्र के दूरस्थ हिस्सों पहुँच होना।
(v) उत्पादन में स्वनिर्भरता जिसमे पिन से लेकर कार का उत्पादन भी घरेलू बाजारों में किया जाता था।

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