Class 12 Political Science Notes Chapter 4

* शीतयुद्ध युद्धोत्तर विश्व में विश्व पटल पर कुछ ऐसे संगठनों तथा देशों ने प्रभावशाली रूप से अर्तराष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करना प्रारंभ किया जिससे यह स्पष्ट होने लगा कि यह संगठन तथा देश अमेरिका की एक ध्रुवीयता के समक्ष विकल्प के रूप में देखे जा सकते हैं।

* अमरीका ने यूरोप की अर्थव्यवस्था के पुनर्गठन के लिए बहुत मदद की थी। इसे मार्शल योजना के नाम से जानते है।

* 1948 में मार्शल योजना के तहत यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन की स्थापना की गई। जिसके माध्यम से पश्चिमी यूरोप के देशों को आर्थिक मदद की गई।

* 1957 में छ: देशो – फ्रांस, पश्चिम जर्मनी, इटली, वेल्जियम, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग ने रोम संधि के माध्यम से यूरोपीय आर्थिक समुदाय EEC और
यूरोपीय एटमी ऊर्जा समुदाय का गठन किया।

* जून 1979 में यूरोपीय पार्लियामेंट के गठन के बाद यूरोपीय आर्थिक समुदाय ने राजनीतिक स्वरूप लेना शुरू कर दिया था।

* फरवरी 1992 में मास्ट्रिस्ट संधि के द्वारा यूरोपीय संघ का गठन हुआ।

* यूरोपीय संघ के गठन के उद्देश्य :-
– एक समान विदेश व सुरक्षा नीति।
– आंतरिक मामलों तथा न्याय से जुड़े मामलों पर सहयोग ।
– एक समान मुद्रा का चलन।
– वीजा मुक्त आवागमन।

* यूरोपीय संघ की विशेषताएँ :-

1. यूरोपीय संघ ने आर्थिक सहयोगवाली संस्था से बदलकर राजनैतिक संस्था का रूप ले लिया है।
2. यूरोपीय संघ एक विशाल राष्ट्र-राज्य की तरह कार्य करने लगा है।
3. इसका अपना झंडा, गान, स्थापना दिवस और अपनी एक मुद्रा है।
4. अन्य देशों से संबंधों के मामले में इसने काफी हद तक साझी विदेश और सुरक्षा नीति बना ली है।
5. यूरोपीय संघ का झंडा 12 सोने के सितारों के घेरे के रूप में वहाँ के लोगों की पूर्णता, समग्रता, एकता और मेलमिलाप का प्रतीक है ।

* यूरोपीय संघ को ताकतवार बनाने वाले कारक या विशेषताएँ :-
– 2005 में यह दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी और इसका सकल घरेलू उत्पादन अमरीका से भी ज्यादा था।
– इसकी मुद्रा यूरो, अमरीकी डॉलर के प्रभुत्व के लिए खतरा बन गई है।
– विश्व व्यापार में इसकी हिस्सेदारी अमेरिका से तीन गुना ज्यादा है।
– इसकी आर्थिक शक्ति का प्रभाव यूरोप, एशिया और अफ्रीका के देशों पर है।
– यह विश्व व्यापार संगठन के अंदर एक महत्वपूर्ण समूह के रूप में कार्य करता है।
– इसका एक सदस्य देश फ्रांस सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है। इसके चलते यूरोपीय संघ अमरीका समेत सभी राष्ट्रों की नीतियों को प्रभावित करता है।
– यूरोपीय संघ का सदस्य देश फ्रांस परमाणु शक्ति सम्पन्न है।
– अधिराष्ट्रीय संगठन के तौर पर यूरोपीय संघ आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक मामलों में दखल देने में सक्षम है।

* यूरोपीय संघ की कमजोरियों :-
1.) इसके सदस्य देशों की अपनी विदेश और रक्षा नीति है जो कई वार एक-दूसरे के खिलाफ भी होती हैं। जैसे-इराक पर हमले के मामले में।
2.) युरोप के कुछ हिस्सों में यूरो मुद्रा को लागू करने को लेकर नाराजगी है।
3.) डेनमार्क और स्वीडन ने मास्ट्रिस्स संधि और साझी यूरोपीय मुद्रा यूरो को मानने का विरोध किया।
4.) यूरोपीय संघ के कई सदस्य देश अमरीकी गठबंधन में थे।
5.) ब्रिटेन यूरोपीय संघ से जून 2016 में एक जनमत संग्रह के द्वारा अलग हो गया है।

* दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन ( आसियान)
1. अगस्त 1967 में इस क्षेत्र के पाँच देशों इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपींस, सिंगापुर और थाईलैंड ने बैंकाक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करके ‘आसियान की स्थापना की।
2. बाद में ब्रुनई दारूस्लाम, वियतनाम, लाओस, म्यांमार ओर कंबोडिया को शक्ति को शामिल किया गय और इनकी सदस्या संख्या 10 हो गई

* आसियान के मुख्य उद्देश्य :-

1) सदस्य देशों के आर्थिक विकास को तेज करना। 2) इसके द्वारा सामाजिक और सांस्कृतिक विकास हासिल करना।
3) कानून के शासन और संयुक्त राष्ट्र संघ के नियमों का पालन करके क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व को बढ़ावा देना।

* आसियान शैली :-

अनौपचारिक, टकरावरहित और सहयोगात्मक मेल-मिलाप का नया उदाहरण पेश करके आसियान ने काफी यश कमाया है। इसे ही ‘आसियान शैली कहा जाने लगा।

• आसियान सुरक्षा समुदाय क्षेत्रीय विवादों को सैनिक टकराव तक न जाने की सहमति पर आधारित है।
• आसियान आर्थिक समुदाय का उद्देश्य आसियान देशों का साझा बाजार और उत्पादन आधार तैयार करना तथा इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में मदद करना है।
• आसियान सामाजिक सांस्कृतिक समुदाय का उद्देश्य है कि आसियान देशों के बीच टकराव की जगह बातचीत और सहयोग को बढ़ावा दिया जाए।

* आसियान क्षेत्रीय मंच:-
1994 में आसियान क्षेत्रीय मंच की स्थापना की गई। जिसका उद्देश्य देशों की सुरक्षा और विदेश नीतियों में तालमेल बनाना है। आसियान की

* उपयोगिता या प्रासंगिकता :-
1. आसियान की मौजूदा आर्थिक शक्ति खासतौर से भारत और चीन जैसे तेजी से विकसित होने वाले एशियाई देशों के साथ व्यापार और निवेश के मामले में प्रदर्शित होती है।
2. आसियान ने निवेश, श्रम और सेवाओं के मामले में मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने पर भी ध्यान दिया है।
3. अमरीका तथा चीन ने भी मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने में रूचि दिखाई है।
4. 1991 के बाद भारत ने ‘पूरब की ओर देखो’ की नीति अपनाई है। भारत ने आसियान के दो सदस्य देशों सिंगापुर और थाईलैंड के साथ मुक्त व्यापार का समझौता किया है।
6. भारत आसियान के साथ भी मुक्त व्यापार संधि करने का प्रयास कर रहा है।
7. आसियान की असली ताकत अपने सदस्य देशो, सहभागी सदस्यों और बाकी गर-क्षत्रिय संगठन के वाचे निरंतर सवाद आर परामश करने का नाति में
है।
8. यह एशिया का एकमात्र ऐसा संगठन है जो एशियाई देशों और विश्व शक्तियों को राजनैतिक और सुरक्षा मामलों पर चर्चा के लिए मंच उपलब्ध कराता है।
9. हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री ने आसियान देशों की यात्रा की तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर समझौते किए तथा पूर्व की ओर देखो नीति के स्थान पर पूर्वोत्तर कार्यनीति (एक्ट ईस्ट पॉलिसी) की संकल्पना प्रस्तुत की। इसी के अंतर्गत वर्ष 2018 के गणतत्र दिवस समारोह में आसियान देशों के राष्ट्रध्यक्षों को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

* माओ के नेतृत्व में चीन का विकास :-

•1949 की क्रांति के द्वारा चीन में साम्यवादी शासन की स्थापना हुई। शुरू में यहाँ साम्यवादी अर्थव्यवस्था को अपनाया गया था। लेकिन इसके कारण चीन को निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ा

1) चीन ने समाजवादी मॉडल खड़ा करने के लिए विशाल औद्योगिक अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अपने सारे संसाधनों को उद्योग में लगा दिया।
2) चीन अपने नागरिको को रोजगार, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक कल्याण योजनाओं का लाभ देने के मामले में विकसित देशों से भी आगे निकल गया लेकिन बढ़ती जनसंख्या विकास में बाधा उत्पन्न कर रही थी।
3) कृषि परम्परागत तरीकों पर आधारित होने के कारण वहाँ के उद्योगों की जरूरत को पूरा नहीं कर पा रही थी।

* चीन में सुधारों की पहल :-

1) चीन ने 1972 में अमरीका से संबंध बनाकर अपने राजनैतिक और आर्थिक एकांतवास को खत्म किया।
2) 1973 में प्रधानमंत्री चाऊ एन लाई ने कृषि, उद्योग, सेवा और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आधुनिकीकरण के चार प्रस्ताव रखे।
3) 1978 में तत्कालीन नेता देंग श्याओपेंग ने चीन में आर्थिक सुधारों और खुलेद्वार की नीति का घोषणा की।
4) 1982 में खेती का निजीकरण किया गया।
5) 1998 में उद्योगों का निजीकरण किया गया। इसके साथ ही चीन में विशेष आर्थिक क्षेत्र (स्पेशल इकॉनामिक जोन-SEZ) स्थापित किए गए।
6) चीन 2001 में विश्व व्यापार संगठन में शामिल हो गया। इस तरह दूसरे देशों के लिए अपनी अर्थव्यवस्था खोलने की दिशा में चीन ने एक कदम और बढ़ाया हैं।

चीनी सुधारों का नकारात्मक पहलू :-

1) वहाँ आर्थिक विकास का लाभ समाज के सभी सदस्यों को प्राप्त नहीं हुआ।
2) पूँजीवादी तरीकों को अपनाए जाने से बेरोजगारी बढ़ी है।
3) वहाँ महिलाओं के रोजगार और काम करने के हालात संतोषजनक नहीं है।
4) गाँव व शहर के और तटीय व मुख्य भूमि पर रहने वाले लोगों के बीच आय में अंतर बढ़ा है।
5) विकास की गतिविधियों ने पर्यावरण को काफी हानि पहुँचाई है।
6) चीन में प्रशासनिक और सामाजिक जीवन में भ्रष्टाचार बढ़ा है। चीन के साथ भारत के संबंध :-

* विवाद के क्षेत्र :-

1. 1950 में चीन द्वारा तिब्बत को हड़पने तथा भारत चीन सीमा पर बस्तियाँ बनाने के फैसले से दोनों देशों के संबंध एकदम बिगड़ गये।
2. चीन ने 1962 में लद्दाख और अरूणचल प्रदेश पर अपने दावे को जबरन स्थापित करने के लिए भारत पर आक्रमण किया।
3. चीन द्वारा पाकिस्तान को मदद देना।
4. चीन भारत के परमाणु परीक्षणों का विरोध करता है।
5. बांग्लादेश तथा म्यांमार से चीन के सैनिक संबंध को भारतीय हितो के खिलाफ माना जाता है।
6. संयुक्त राष्ट्र संघ ने आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद पर प्रतिबंध लगाने वाले प्रस्ताव को पेश किया। चीन द्वारा वीटो पावर का प्रयोग करने से यह प्रस्ताव निरस्त हो गया।
7. भारत ने अजहर मसूद के आतंबादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रस्ताव पेश किया, जिस पर चीन ने वीटो पावर का प्रयोग किया।
8. चीन की महत्वाकांक्षी योजना Ones Belt One Road, जो कि POK से होती हुई गुजरेगी, उसे भारत को घेरने की रणनीति के तौर पर लिया जा रहा है।
9. वर्ष 2017 में भूटान के भू-भाग, परन्तु भारत के लिए सामरिक रूप से अत्यन्त महत्वपूर्ण डोकलाम पर अधिपत्य के दावे को लेकर दोनों देशों के मध्य लंबा विवाद चला जिससे दोनों देशों के मध्य संबंध तनावपूर्ण हो गये। परंतु इस विवाद के समाधान के लिए भारत के धैयपूर्ण प्रयासों और भारत के रूख को वैश्विक स्तर पर सराहा गया।

* सहयोग का दौर (क्षेत्र)

1. 1970 के दशक में चीनी नेतृत्व बदलने से अब वैचारिक मुद्दों की जगह व्यावहारिक मुद्दे प्रमुख हो रहे है।
2. 1988 में प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने चीन की यात्रा की जिसके बाद सीमा विवाद पर यथास्थिति बनाए रखने की पहल की गई।
3. दोनों देशों ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में परस्पर सहयोग और व्यापार के लिए सीमा पर चार पोस्ट खोलने हेतु समझौते किए गए है।
4. 1999 से द्विपक्षीय व्यापार 30 फीसदी सालाना की दर से बढ़ रहा है।
5. विदेशों में ऊर्जा सौदा हासिल करने के मामलों में भी दोनों देश सहयोग द्वरा हल निकालने पर राजी हुए है।
6. वैश्विक धरातल पर भारत और चीन ने विश्व व्यापार संगठन जैसे अन्य अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठनों के संबंध में एक जैसी नीतियाँ अपनायी है।

प्रसन 1. मार्शल योजना क्या है?

उत्तर :- द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में बहुत नुकसान पहुंचा और अमेरिकी खेमे के पश्चिमी यूरोप की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने के लिए अमेरिका ने जबरदस्त मदद की।
*मार्शल योजना के तहत 1948 में (यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन) की स्थापना हुई।
* 1949 में यूरोपीय परिषद राजनीतिक मामलों की देख-रेख।
* 1957 में यूरोपीय इकनोमिक कम्युनिस्ट का गठन
* अंत में इन सब को हटाकर 1992 में यूरोपीय संघ बना
* यूरोपीय संघ की अपनी विदेश नीति,सांझी मुद्रा, सुरक्षा नीति आदि है।
* यूरोपीय संघ आर्थिक सहयोग वाली संस्था से बदलकर ज्यादा से ज्यादा राजनीतिक रूप लेता गया।

{यूरोपीय संघ} :-

स्थापना 1992 में, यूरोपीय संघ का अपना झंडा है,अपना गान है,अपनी मुद्रा “यूरो” है और अपना स्थापंना दिवस है।

“NOTE” :- सन् 2003 में यूरोपीय संघ ने अपना संविधान बनाने की कोशिश की मगर उसमें यह सफल हो गया।

प्रसन 2. यूरोपीय संघ की विशेषताएँ बताओ?

उत्तर :- 1) आर्थिक, राजनीतिक, सैनिक प्रभाव जबरदस्त है।
2) 2005 मैं यूरोप दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था।
3) GDP- 12 हजार अरब डॉलर से ज्यादा था।
4) यूरो अमेरिका डॉलर के लिए खतरा बन सकता था।
5) विश्व व्यापार में इसकी हिस्सेदारी अमेरिका से 2 गुना ज्यादा है ।
6) दो सदस्य ब्रिटेन और फ्रांस सुरक्षा परिवाद के स्थाई सदस्य हैं ।
7) यूरोपीय संघ के पास 550 परमाणु हथियार है।
8) अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के मामले में दूसरे स्थान पर है।

प्रसन 3. यूरोपीय संघ की कमियां तथा विवाद बताओ?

उत्तर :- * नए सदस्यों को शामिल करने को लेकर विवाद। जैसे – सोवियत संघ टूटने के बाद जो सोवियत संघ से जुड़े देश थे वह यूरोप संघ में जुड़ना चाहते थे।
* मुद्रा यूरो को सभी मानने को तैयार नहीं है।
* तालमेल की कमी सदस्य देशों की अपनी विदेश नीति। जैसे – इराक पर जब अमेरिकी हमले का ब्रिटेन के P.M टोनी ब्लेजर ने अमेरिका का समर्थन किया लेकिन ।
जर्मनी और फ्रांस ने इसका साथ नहीं दिया
* ब्रिटेन के पूर्व P.M मार्गरेट थैचर ने ब्रिटेन को यूरोपीय बाजार से अलग रखा।
* डेनमार्ग और स्वीडन ने —– संधि तथा यूरो मुद्रा को मानने से इनकार कर दिया

{आसियान} = दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्रों का संगठन आसियान है।

* स्थापना :- 1967 मैं 5 देशों ने बैंकॉक घोषणा पत्र में हस्ताक्षर करके की।
* सदस्य देश :- इंडोनेशिया ,मलेशिया, सिंगापुर,फिलीपींस, थाईलैंड ।
* बाद में शामिल देश :- बुनेई दरूसलम, वियतनाम,लाओस, म्यामार, कंबोडिया।
* उद्देश्य :- आर्थिक विकास को तेज करना *सामाजिक और सांस्कृतिक विकास हासिल करना।
* अपने क्षेत्र में शांति बनाए तथा विवादों को सुलझाना।

प्रसन 4. आसियान शैली क्या है?

उत्तर :- * अनुपचारिक, टकरावरहित और सहयोगात्मक मेल मिलाप का तरीका
* दुनिया का सबसे तेज रफ्तार से तरक्की करने वाला संगठन है
“आसियान के तीन स्तंभ”
1) आज शाम सुरक्षा समुदाय – अगर आपस में कोई विवाद हो जाए तो उसको सैनिक टकराव तक ना ले जाना शांति, समझौता, सहयोग ,अहस्तक्षेप को बढ़ावा देना ।
2) आसियान आर्थिक समुदाय- आसियान देश का सांझा बाजार तथा उत्पादन आधार तैयार करना आर्थिक विवादों को सुलझाना।
3) आसियान सामाजिक सांस्कृतिक समुदाय- इसका उद्देश्य है सामाजिक सांस्कृतिक विकास करना।

प्रसन 5. आसियान विजन-2020 से आप क्या समझते हैं?

उत्तर :- आसियान के विजन दस्तावेज 2020 में अंतरराष्ट्रीय समुदाय में आसियान की बर्हिमुखी भूमिका प्रमुखता दी गई है। आसियान की टकराव की जगह बातचीत को बढ़ावा देने की नीति से यह बात निकली है। आशियान ने ककडिया के समस्या को ठीक किया है।

प्रसन 6. आसियान क्षेत्रीय मंच की स्थापना कब हुई?

उत्तर :- स्थापना 1994 में हुई आसियान के देश की सुरक्षा और तालमेल बनाने के लिए
नोट- भारत ने दो आसियान देश सिंगापुर और थाईलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता किया।
*आसियान के झंडे के अंदर 10 धान की बालियां है जो दक्षिणी पूर्वी एशिया के 10 देशों की ओर इशारा करती है।

प्रसन 7. चीन की अर्थव्यवस्था, उत्थान, चीन में आए बदलाव?

उत्तर :- चीन प्रारंभ में इतना डेवलप नहीं था जितना आज के है 1978 के बाद जब चीन में मुफ्त बाजार द्वार की नीति अपनाई गई तब से यह विकास करके शक्तिशाली देश बना।
प्रारंभ – चीन में साम्यवाद अपना रहा था और पूंजीवाद दुनिया से दूरी बना रखी थी ऐसे में इसके पास अपने संसाधनों से गुजारा करने के अलावा कोई और चारा नहीं था चीन खेती है पूंजी निकालकर उद्योग में लगाता था। विदेशी मुद्रा नहीं थी व्यापार नहीं था इनका किसी के साथ चीनी आयातित सामान घरेलू स्तर पर बनाने लगा।
लेकिन 1972 में अमेरिका से संबंध बनाकर राजनीतिक एकता वास खत्म किया और 1973 में प्रधानमंत्री “चाऊ एन लाई ने”- कृषि, उद्योग, सेना, विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आधुनिकीकरण
1978 में “देगं श्याओपेग” ने मुक्त द्वार- (जैसे बाहर के देशों से व्यापार करने लगा।)
मुख्य द्वार की नीति अपनाकर व्यापार के लिए मार्ग खोल दिए उसके बाद से चीन का व्यापार बहुत बड़ा और चीन अब बहुत आगे निकल आया अब इसके पास विदेशी मुद्रा की कोई कमी नहीं है यह दूसरे देशों में निवेश कर रहा है विकास की रफ्तार को देखकर ऐसा लग रहा है कि 2040 तक दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
* 1982 खेती का निजीकरण।
* 1998 उद्योग का निजीकरण ।
* इसके बाद चीन का विकास और रफ्तार से हुआ ।
*ग्रामीण आए बड़ी ग्रामीण उद्योग तेजी से बड़े ।
*विदेशी मुद्रा बड़ी 2001 में चीन WTO का सदस्य बन गया।
* चीन का इतना प्रभाव है कि अमेरिका रूस जापान आसियान सभी पुराने विवादों को भुलाकर इससे व्यापार के लिए तैयार हैं।

प्रसन 8. भारत और चीन का विवाद?

उत्तर :- * लद्दाख अक्साई चीन इसको अपने देश का हिस्सा मानता है इसको लेकर विवाद है।
*अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्से कोचीन अपना बताता है इसके लेकर विवाद है।
* 1962 में भारत और चीन का युद्ध हुआ
* दलाई लामा जो चीन का दुश्मन है उसको भारत में रहने दिया इसे चीन भड़क गया।
* युद्ध के बाद 1976 तक दोनों के संबंध खराब रहे बाद में धीरे-धीरे उनके संबंधों में सुधार आए ।
* 1998 में राजीव गांधी ने चीन का दौरा किया।
* 1999 के बाद व्यापार में 30% सालाना वृध्दि हुई।
* विवादित मुद्दों पर बात करने को दोनों तैयार हुए।

प्रसन 9. चीन की कमियां बताओ?

उत्तर :- 1) चीन में 10 करोड लोग बेरोजगार थे।
2) महिलाओं के काम करने की स्थिति अच्छी नहीं थी।
3)भ्रष्टाचार बढ़ रहा था।
4) पर्यावरण को नुकसान हो रहा था।

* एक अंकीय प्रश्न :-
प्र०1 मार्शल योजना के तहत 1948 में किस संगठन की स्थापना हुई?

उत्तर :- युरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन।

प्र02 चीन में किस नेता ने और कब ‘खुलेद्वार’ की नीति अपनाई ?

उत्तर :- देंग श्याओग, 1978

प्र03 चीन के किस प्रधानमंत्री के समय में आधुनिकीकरण के चार प्रस्ताव रखे गये ?

उत्तर :- चाऊ एनलाई

प्र04 आसियान (ASEAN) का पूरा नाम लिखिए।

उत्तर :- एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संघ)

प्र05 यूरोपीय संघ का गठन कब और किस संधि के द्वारा हुआ था ?

उत्तर :- 1992, मास्ट्रिस्ट संधि द्वारा।

प्र06 भारत ने आसियान के किन दो देशों के साथ मुक्त व्यापार का समझौता किया है?

उत्तर :- सिंगापुर और थाईलैंड।

प्र07 आसियान ने ‘आसियान शैली’ द्वारा किन दो देशों का टकराव समाप्त किया ?

उत्तर :- कंबोडिया व पूर्वी तिमोर।

प्र08 ‘यूरो’ मुद्रा को मानने का विरोध किन देशो ने किया ?

उत्तर :- स्वीडन तथा डेनमार्क।

प्र09 कब और किस संधि द्वारा यूरोपीय समुदाय के देशों के बीच सीमा नियंत्रण समाप्त किया गया ?

उत्तर :- 1985, शांगेन संधि।

प्र010 यूरोपीय संघ की मुद्रा का नाम लिखिए ।

उत्तर :- यूरो

प्र011 चीन ने भारत पर आक्रमण कब किया था?

उत्तर :- अक्टूबर 1962

प्र012 माओ के नेतृत्व में चीन में हुई क्रान्ति के बाद अपनाया गया आर्थिक मॉडल किस देश पर आधारित था?

उत्तर :- सोवियत संघ।

प्र013 निम्न कथनों के कौन सा असत्य है?

i) आसियान की स्थापना 5 देशों ने मिलकर की है।
ii) वर्तमान में इसकी सदस्य संख्या 10 है।
iii) आसियान के कामकाज में राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का सम्मान करना महत्वपूर्ण है।
iv) 1992 में आसियान क्षेत्रीय मंच की स्थापना की गई।

उत्तर :- iv) 1992 में आसिमान क्षेत्रीय मंच की स्थापना की गई।

प्र014 चीन में कृषि का निजीकरण कव किया गया?

उत्तर :- 1982 में।

प्र०15 चीन की महत्वाकांक्षी योजना OBOR का विस्तृत रूप लिखिए।

उत्तर :- One Belt One Road

प्र०16 आसिमान के दो संस्थापक सदस्य देशों के नाम लिखिए

उत्तर :- इण्डोनेशिया तथा मलेशिया

दो अंकीय प्रश्न :-

प्र०1 क्षेत्रीय संगठन का अर्थ बताइये ?

उत्तर :- क्षेत्रीय संगठन प्रभुसत्ता सम्पन्न देशों के स्वैच्छिक समुदायों की एक संधि है, जो निश्चित क्षेत्र के भीतर हो तथा उन देशों का सम्मिलित हित हो
जिनका प्रयोजन उस क्षेत्र के संबंध में आक्रामक कार्यवाही न हो।

प्र02 सत्ता के वैकल्पिक केन्द्र से क्या अभिप्राय है ?

उत्तर :- सोवियत संघ के विभाजन के बाद विश्व में अमेरिका का वर्चस्व कायम हो गया है। कुछ देशों के संगठनों का उदय सत्ता के वैकल्पिक केन्द्र के रूप में हुआ है। ये संगठन अमरीका के प्रभुत्व को सीमित करेगे क्योंकि ये संगठन राजनीतिक तथा आर्थिक रूप से शक्तिशाली हो रहे है।

प्र03 मार्शल योजना क्या थी?

उत्तर :- 1945 के बाद यूरोपीय देशों में मिलाप तथा अमरीका द्वारा शीतयुद्ध के दौरान अर्थव्यवस्था के पुनर्गठन के लिए मदद।

प्र04 आसियान के किन्हीं दो संस्थापक देशों का नाम लिखिए।

उत्तर :- इण्डोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंण्ड।

प्र05 1970 के दशक में चीन ने कौन से दो नीतिगत निर्णय लिए?

उत्तर :- i) 1972 में अमरीका से राजनीतिक व आर्थिक संबंध बनाए।
ii) 1978 में खुले द्वार की नीति की घोषणा की।

प्र06 1973 में चीनी प्रधानमंत्री चाऊ एल लाई ने किन चार क्षेत्रों में आधुनिकीकरण के प्रस्ताव रखें ?

उत्तर :- कृषि, उद्योग, सेना और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र।

प्र07 चीन द्वारा अपनाई गई खुले द्वार की नीति क्या थी ?

उत्तर :- विदेशी पूँजी और प्रौद्योगिकी के निवेश से उच्चतर उत्पादकता को प्राप्त किया जाए।

प्र08 तिथि के हिसाब से इन सबको क्रम दें?

i) विश्व व्यापार संगठन में चीन का प्रवेश।
ii) चीन में खेती का निजीकरण।
iii) खुलेद्वार की नीति।
iv) राजनैतिक और आर्थिक एकांतवास की समाप्ति ।

उत्तर :-
(i) 4) 1972
(ii) 3) 1978
(iii) 2) 1982
(iv) 1) 2001

प्र09 सुमेलित कीजिए।

i) यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन की स्थापना
ii) बैंकॉक घोषणा द्वारा स्थापना
iii) मुद्रा पुरी को मानने से इंकार
iv) संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य

क) डेनमार्क तथा स्वीडन
ख) फ्रांस व ब्रिटेन
ग) मार्शल योजना
घ) आसियान

उत्तर :-
(i) ग
(ii) घ
(iii) के
(iv) ख

चार अंकीय प्रश्न:-
1. एक आर्थिक समुदाय के रूप में बने पूरोपीय संघ ने एक राजनीतिक संगठन का रूप कैसे ले लिया ? (IMP)

उत्तर :- i) यूरोपीय संघ एक राज्य की भाँति है जिसका अपना झण्डा, गान एवं स्थापना दिवस है। ii) यूरोपीय संसद के गठन के कारण।
iii) सोवियत संघ के वाद 1992 में यूरोपीय संघ का गठन।
iv) एक मुद्रा, समान विदेश एवं सुरक्षा नीति, न्याय एवं घरेलू मामलों पर आपसी सहयोग।

2. आसियान समुदाय के किन्हीं दो स्तम्भों और उनके उद्देश्यों के बारे में बताएँ।

उत्तर :- i) सुरक्षा समुदाय आसियान सुरक्षा समुदाय क्षेत्रीय विवादों को सैनिक टकराव तक न ले जाने की सहमति पर आधारित है।
ii) आर्थिक समुदाय का उद्देश्य आसियान देशों का साझा बाजार और उत्पादन आधार तैयार करना तथा इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास में मदद करना है।

3. क्षेत्रीय संगठनों के बनाने के मुख्य उद्देश्य क्या है।

उत्तर :- i) सदस्य देशों में एकता की भावना का मजबूत होना।
ii) क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा।
iii) सदस्यों के बीच आपसी व्यापार को बढ़ाना।
iv) क्षेत्र में शांति और सौहार्द को बढ़ाना।
v) विवादों को आपसी बातचीत द्वारा निपटाना।

4. बदली हुई चीनी अर्थव्यवस्था में व्याप्त किन्हीं चार कमियों पर प्रकाश डालिए।.

उत्तर :- उत्तर स्मरणीय बिन्दुओं में देखें।

6. भारत एंव चीन के सम्बन्धों में तनाव के चार पहलुओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर :- उत्तर स्मरणीय बिन्दुओं में देखें।

7. चीन के साथ भारत के सुधरते सम्बन्धों की व्याख्या कीजिए। यूरोपीय संघ को क्या थीजे एक कमजोर क्षेत्रीय संगठन बनाती है?

उत्तर :- i) कभी-कभी सदस्य देशो द्वारा विदेश और रक्षानीति का एक दूसरे के खिलाफ प्रयोग करना।
ii) एक संविधान बनाने का प्रयास असफल
iii) डेनमार्क व स्वीडन द्वारा मास्ट्रिस्ट संधि व यूरो का विरोध ।
iv) कई सदस्य देश अमरीकी गठबंधन में थे।

8. चीन की नई आर्थिक नीति ने किन चार तरीको से घीन की अर्थव्यवस्था को लाभ पहुँचाया हैं?

उत्तर :- i) जड़ता को समाप्त करके खुलेद्वार की नीति
ii) कृषि के निजीकरण से
iii) व्यापार के नए नियम और नए विशेष आर्थिक क्षेत्रों के निर्माण द्वरा
iv) ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निजी वचत का परिणाम बढ़ा।

9. सत्ता के उभरते हुए वैकल्पिक केन्द्रो द्वारा विभिन्न देशों में समृद्धशाली अर्थव्यवस्थाओं का रूप देने में निभाई गई भूमिका की व्याख्या कीजिए।?

उत्तर :- i) एक ध्रुवीय विश्व में अमेरिकी वर्चस्व को सीमित करने के लिए सत्ता के वैकल्पिक केन्द्रों का होना आवश्यक है।
ii) यूरोपीय संघ, आसियान, गुटनिरपेक्ष आन्दोलन तथा दक्षेस जैसे वैकल्पिक केन्द्रों ने क्षेत्रीय स्तर पर अधिक शांतिपूर्ण एवं समूचशाली अर्थव्यवस्था का रूप देने में सक्रिय भूमिका निभाई है।

10. आसियान विजन 2020 की मुख्य विशेषताएं क्या है? 

उत्तर :- i) अंर्तराष्ट्रीय समुदाय में आसिमान की बर्हिमुखे भूमिका को प्रमुखता है।
ii) टकराव की जगह बातचीत को बढ़ावा देने की नीति

छ: अंकीय प्रश्न :-
1. चीनी अर्थव्यवस्था की उन्नति के लिए उत्तरदायी कारकों की व्याख्या कीजिए? 

उत्तर :- स्मरणीय बिंदु देखें।

2. यूरोपीय संघ एक अधिराष्ट्रीय संगठन के रूप में कैसे उभरा ? 

उत्तर :- i) सबसे पुराना संगठन जो इसे स्थायित्व और प्रभावकारी बनाता है।
ii) समान राजनीतिक रूप जैसे-झंडा, गान, स्थापना दिवस और मूद्रा।
iii) यूरोपीय संघ की सहयोग की नीति।
v) विश्व व्यापार में यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी अमरीका से तीन गुना अधिक हैं।
v) इसके पास विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सेना है। उसका रक्षा बजट अमेरिका के बाद सबसे अधिक है।
vi) ब्रिटेन तथा फ्रांस संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य हैं।

3. वैकल्पिक शक्ति केन्द्र के रूप में जापान किस प्रकार प्रभावकारी होगा।

उत्तर :- जापान निम्न तथ्यों के द्वारा सत्ता का वैकल्पिक केन्द्र बन सकता है।

i) विश्व में उच्च प्रौद्योगिकी के लिए मशहूर है।
ii) इसकी अर्थव्यवस्था विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
iii) जापान विकसित देशों के समूह जी-8 में शामिल है।
iv) संयुक्त राष्ट्रसंघ के बजट में अंशदान के हिसाब से जापान दूसरा सबसे बड़ा देश है।
v) राष्ट्रों के बीच विवादों को सुलझाने में बल प्रयोग अथवा धमकी से काम लेने के तरीके का जापान के लोग हमेशा के लिए त्याग करते हैं।
vi) जापान का सैन्य व्यय उसके सकल घरेलू उत्पाद का केवल 1 प्रतिशत है फिर भी सैन्य व्यय के लिहाज से विश्व जापान का स्थान चौथा हैं।

4. चीनी अर्थव्यवस्था की उन्नति का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर :- पक्ष में :-

i) 1972 में राजनीतिक तथा आर्थिक एकांतवास की समाप्ति ।
ii) कृषि, सेना, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में आधुनिकीकरण।
iii) खुले द्वार की नीति।
iv) कृषि तथा उद्योगो का निजीकरण।

विपक्ष में :-
i) सुधारों का लाभ सभी वर्गों को नहीं मिला।
ii) बेरोजगारी बढ़ी।
iii) महिलाओं के लिए रोजगार और काम के हालत ठीक नहीं है।
iv) पर्यावरण को नुकसान हुआ।
v) भ्रष्टाचार बढ़ा है।

5. चीन तथा भारत बढ़ी आर्थिक शक्तियों के रूप में उभर रहे हैं।” क्या आप इससे सहमत हैं? कोई तीन तर्क देकर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

उत्तर :- • वैश्विक स्तर पर चीन एक बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है। जापान, अमरीका, रूस के साथ अपने मतभेदों को कुछ हद तक सुलझा लिया
है।
• लैटिन अमेरिका व अफ्रीकी देशों में निवेश।
• विश्व व्यापार संगठन का सदस्य।
• वैश्विक चुनौतियों के अनुकूल भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को ढाला है।

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