Class 12th Political Science Notes Chapter 8

पाठ 8 :- पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन

* पर्यावरण :- परि (ऊपरी) + आवरण (वह आवरण जो वनस्पति तथा जीव जन्तुओं को ऊपर से ढके हुए है।
प्राकृतिक संसाधन :- प्रकृति से प्राप्त मनुष्य के उपयोग के साधन।

* वर्तमान वैश्विक राजनीति में पर्यावरण का द्वास एक गंभीर समस्या एवं चिन्तन का विषय बनकर उभरा है, जिसका मुख्य कारण कृषि की कमी, चारागाह एवं मत्स्य भंडार का अपक्षय, जलीय प्रदूषण एवं जल की कमी, वनों की कटाई है जिसके कारण समाप्त होती जैव विविधता, ओजोन परत की हानि तथा समुद्र तटीय इलाकों में बढ़ता प्रदूषण है।

* साझी संपदा :- साझी संपदा उन संसाधनों को कहते हैं जिन पर किसी एक का नहीं बल्कि पूरे समुदाय का अधिकार होता है। जैसे संयुक्त परिवार का चूल्हा, चारागाह, मैदान, कुआं या नदी। इसमें पृथ्वी का वायुमंडल अंटार्कटिका, समुद्री सतह और बाहरी अंतरिक्ष भी शामिल है इस दिशा में कुछ महत्वपूर्ण समझौते जैसे अंटार्कटिका संधि (1959 ) मांट्रियल न्यायाचार (1987) और अंटार्कटिका पर्यावरणीय न्यायाचार (1991) हो चुके है।

साझी संपदा, भिन्न भिन्न जिम्मेदारियों

* वैश्विक साझी संपदा की सुरक्षा को लेकर भी विकसित एवं विकासशील देशों का मत भिन्न है। विकसित देश इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सभी देशों में बराबर बाँटने के पक्ष में है। परन्तु विकासशील देश दो आधारों पर विकसित देशों की इस नीति का विरोध करते है, पहला यह कि साझी संपदा को प्रदूषित करने में विकसित देशों की भूमिका अधिक है दूसरा यह कि विकासशील देश अभी विकास की प्रक्रिया में है। अतः साझी संपदा की सुरक्षा के संबंध में विकसित देशों की जिम्मेवारी भी अधिक होनी चाहिए तथा विकासशील देशों की जिम्मेदारी कम की जानी चाहिए।

* भारत ने भी पर्यावरण सुरक्षा के विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अपना योगदान दिया है :-

1) 2002 क्योटो प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर एवं उसका अनुमोदन।

2) 2005 में जी-8 देशों की बैठक में विकसित देशों द्वारा की जा रही ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी पर जोर।

3) नेशनल ऑटो-फ्यूल पॉलिसी के अंर्तगत वाहनों में स्वच्छ ईंधन का प्रयोग।

4) 2001 में उर्जा सरंक्षण अधिनियम पारित किया।

5) 2003 में बिजली अधिनियम में नवीकरणीय उर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया गया।

6) भारत में बायोडीजल से संबंधित एक राष्ट्रीय मिशन पर कार्य चल रहा है।

7) भारत SAARC के मंच पर सभी राष्ट्रों द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा पर एक राय बनाना चाहता है।

8) भारत में पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए 2010 में राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) की स्थापना की गई।

9) भारत विश्व का पहला देश है जहाँ अक्षय उर्जा के विकास के लिए अलग मन्त्रालय है।

10) कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में प्रति व्यक्ति कम योगदान (अमेरिका 16 टन, जापान 8 टन, चीन 06 टन तथा भारत 01.38 टन।

11) 1. भारत ने पेरिस समझौते पर 2 अक्टूबर 2016 हस्ताक्षर किये हैं )
2. 2030 तक भारत ने उत्सर्जन तीव्रता को 2005 के मुकाबले 33-35% कम करने का लक्ष्य रखा है

12) 1.COP-23 में भारत वृक्षारोपण व वन क्षेत्र की वृद्धि के माध्यम से 2030 तक 2.5 से 3 विलियन टन CO, के बराबर सिंक बनाने का वादा किया है।
2. भारत कर्क व मकर रेखा के बीच स्थित सभी देशों के एक वैश्विक सौर गठबंधन के मुखिया के रूप में कार्य करेगा।

* पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर विभिन्न देशों की सरकारों के अतिरिक्त विभिन्न भागों में सक्रिय पर्यावरणीय कार्यकर्ताओं ने अन्तर्राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्तर पर कई आंदोलन किये है जैसे :-

1) दक्षिणी देशों मैक्सिकों, चिले, ब्राजील, मलेशिया, इण्डोनेशिया, अफ्रीका और भारत के वन आंदोलन।
2) ऑस्ट्रेलिया में खनिज उद्योगों के विरोध में आन्दोलन। थाइलैण्ड, दक्षिण अफ्रीका,
3) इण्डोनेशिया, चीन तथा भारत में बड़े बाँधों के
विरोध में आंदोलन जिनमें भारत का नर्मदा बचाओ आंदोलन प्रसिद्ध है।

* संसाधनों की भू-राजनीति :- यूरोपीय देशों के विस्तार का मुख्य कारण अधीन देशों का आर्थिक शोषण रहा है। जिस देश के पास जितने संसाधन होगे उसकी अर्थव्यवस्था उतनी ही मजबूत होगी।

1) इमारती लकड़ी :- पश्चिम के देशों ने जलपोती के निर्माण के लिए दूसरे देशों के वनों पर कब्जा किया ताकि उनकी नौसेना मजबूत हो और विदेश व्यापार बढ़े।

2) तेल भण्डार :- विश्व युद्ध के बाद उन देशों का महत्व बढ़ा जिनके पास यूरेनियम और तेल जैसे संसाधन थे। विकसित देशों ने तेल की निर्वाध आपूर्ति के लिए समुद्री मार्गों पर सेना तैनात की।

3) जल :- पानी के नियन्त्रण एवं बँटवारे को लेकर लड़ाईयाँ हुई। जाईन नदी के पानी के लिए चार राज्य दावेदार है इजराइल, जार्डन, सीरिया एवम् लेबनान।

* मूलबासी :- संयुक्त राष्ट्र संघ ने 1982 में ऐसे लोगों को मूलवासी बताया जो मौजूदा देश में बहुत दिनों से रहते चले आ रहे थे तथा बाद में दूसरी संस्कृति या जातियों ने उन्हें अपने अधीन बना लिया, भारत में ‘मूलवासी के लिए जनजाति या आदिवासी शब्द का प्रयोग किया जाता है 1975 में
मूलवासियों का संगठन World Council of Indigeneous People बना।

* मूलवासियों की मुख्य मांग यह है कि इन्हें अपनी स्वतंत्र पहचान रखने वाला समुदाय माना जाए. दूसरे आजादी के बाद से चली आ रही परियोजनाओं के कारण इनके विस्थापन एवं विकास की समस्या पर भी ध्यान दिया जाए।

प्रसन 1. लिमिट्स टू ग्रोथ नामक पुस्तक कब और किसने लिखी इसमें क्या बात है थी

उत्तर :- वैश्विक मामलों में सरोकार रखने वाली विद्वानों के एक समूह ने लिखा है जिसका नाम है (क्लब ऑफ रोम) 1972 में एक पुस्तक (लिमिट्स टू ग्रोथ) लिखी
इस पुस्तक में यह बताया गया कि जिस प्रकार से दुनिया में जनसंख्या बढ़ रही है उसी प्रकार संसाधन कम होते जा रहे हैं

नोट – UNEP यूनाइटेड नेशनल इंवॉल्वमेंट प्रोग्राम (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम)

प्रसन 2. रियो सम्मेलन/पृथ्वी सम्मेलन/ अर्थ समिट कब और कहां हुआ

उत्तर :- * ब्राजील के रियो डी जेनेरो में *1992 में UN का पर्यावरण और विकास के मुद्दों पर यह सम्मेलन हुआ
* 170 देशों तथा हजारों एनजीओ और बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया
*पर्यावरण के मुद्दों को उठाया गया
*इसमें यह बात सामने आएगी उत्तरी गोलार्ध और दक्षिणी गोलार्ध के देश पर्यावरण के अलग-अलग एजेंडे के पैरोकार है
उत्तरी गोलार्ध देश की मुख्य चिंता – ग्लोबल वार्निंग
दक्षिणी गोलार्ध की चिंता – आर्थिक विकास
* रियो सम्मेलन में जलवायु जैव विविधता से संबंधित कुछ नियम लाए गए

प्रसन 3. एजेंडा 21

उत्तर :- एजेंडा 21 इसमें यह कहा गया कि विकास का तरीका ऐसा हो जिससे पर्यावरण को नुकसान ना पहुंचे
(आलोचना) = इसमें कहा गया कि एजेंडा 21 में पर्यावरण पर कम और विकास पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है

प्रसन 4.”आवर कॉमन फ्यूचर” नामक रिपोर्ट से क्या चेतावनी दी गई

उत्तर :- 1987 में आई इस रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई कि आर्थिक विकास के चालू तौर तरीके भविष्य में टिकाऊ साबित नहीं होंगे

प्रसन 5. “साझी संपदा” किन्हे कहते हैं

उत्तर :- ऐसे संसाधन जिन पर किसी एक का नहीं बल्कि पूरे समुदाय का अधिकार होता है इन्हें साझी संपदा कहते हैं जैसे चरागाह मैदान कुआं या नदी इस तरह विश्व में कुछ हिस्से और क्षेत्र किसी एक देश के संप्रभु क्षेत्रअधिकार से बाहर होते हैं इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी सारे विश्व की है वैश्विक संपदा या इन्हें मानवता की सांझी विरासत कहा जाता है
जैसे = वायुमंडल, समुद्री जल, अंतरिक्ष आदि

प्रसन 6. ग्लोबल वार्मिंग किसे कहते हैं

उत्तर :- वायुमंडल के ऊपर ओजोन गैस की एक पतली सी परत है जिससे सूर्य की रोशनी छन कर पृथ्वी तक पहुंचती है यह सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से हमें बचाती है इस गैस की परत में छेद हो गया है जिससे अब सूरज की किरणें सीधा पृथ्वी पर आती है जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है तापमान बढ़ने के कारण ग्लेशियर पिघल रहे है जिसके कारण समुद्र का स्तर बढ़ रहा है इससे उन स्थानों पर ज्यादा खतरे हैं जो समुद्र किनारे बसे हैं
*ओजोन गैस के खत्म होने के कारण:-
i) कार्बन डाइऑक्साइड
ii) मीथेन
iii) हाइड्रो फ्लोरो कार्बन
यह सभी गैस ओजोन गैस को नष्ट कर रही है

प्रसन 7. सांझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारी

उत्तर :- पर्यावरण को लेकर उत्तर और दक्षिणी गोलार्ध के देशों का रवैया अलग अलग है क्योंकि उत्तर के विकासशील देश पर्यावरण के मामले पर इस प्रकार से बात करना चाहते हैं जैसे पर्यावरण आज की समस्या है जबकि दक्षिणी गोलार्ध के देश का विचार अलग है इन देशों का कहना है कि
* पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान विकासशील देशों ने पहुंचाया है क्योंकि वह और औद्योगीकरण पहले से ही हो चुके हैं
* और विकासशील देशों ने पर्यावरण को अधिक नुकसान नहीं पहुंचाया इन देशों ने काफी कम नुकसान पहुंचाया है इसलिए इन देशों की जिम्मेदारी कम होनी चाहिए

पर्यावरण को नुकसान तो सब का नुकसान है इसलिए यह समस्या सारे विश्व की हैं इसलिए इसे सांझी परंतु अलग-अलग जिम्मेदारी कहा गया है
* 1972 मैं यह मान लिया गया UNFCCC (यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज) ने भी इसे स्वीकार किया है

प्रसन 8. क्यूटो प्रोटोकॉल से आप क्या समझते हैं

उत्तर :- यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता था जिसमें औद्योगिक देशों को ग्रीन हाउस गैसों के उपयोग को कम करने का लक्ष्य रखा गया
* ग्रीन हाउस गैस – कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, हाइड्रो फ्लोरो कार्बन
* भारत चीन कई देशों में इन में इनमें छूट दी गई
* भारत (2002) में इसमें शामिल हो गया
* यह अंतरराष्ट्रीय समझौता था इससे औद्योगिक देशों को ग्रीन हाउस को कम करने के लिए बोला गया और जो देश अभी विकास कर रहे हैं उन पर यह कानून लागू नहीं होता

प्रसन 9. वन पांतर से आप क्या समझते हैं

उत्तर :- गांव में कुछ जगह ऐसी होती है जो पवित्र मानी जाती है ऐसा माना जाता है कि इस जहां पर देवी देवताओं का वास है इसलिए यहां कोई पेड़ पौधों को नहीं काटता इससे यह पेड़ सुरक्षित रहते हैं

प्रसन 10. मूलवासी

उत्तर :- UNO ने 1982 में एक परिभाषा दी
* मूलवासी ऐसे लोगों को कहते हैं जो किसी स्थान पर कई सालों से रहते हो फिर कोई दूसरी जाति या धर्म के लोग दुनिया के दूसरे हिस्से से आकर उन मूलवासियों को अपना गुलाम बना लिया
* मूलवासी आज भी दुनिया के आर्थिक सांस्कृतिक और सामाजिक तरीकों को नहीं अपनाते हैं यह लोग अपनी धार्मिक रीति रिवाज बनाए रखते हैं

फिलीपींस (कोरडिलेस) = 20 लाख मूलवासी
चिले = मापुशे 10 लाख
बांग्लादेश (चटगांव) = 6 लाख आदिवासी
उत्तरी अमेरिका = 3 लाख 50 हजार
उत्तरी सोवियत संघ = 10 लाख लोग

मूलवासियों का निवास स्थान:- मध्य और दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिणी पूर्वी एशिया तथा भारत में इन्हें आदिवासी या जनजातियां कहते हैं

* मूलवासी चाहे दुनिया में कहीं भी रहते हो लेकिन इन सब का जीवन जीने का तरीका एक जैसा ही होता है
* भूमि की हानि का सीधा असर मूलवासियों के जीवन पर पड़ता है
* भारत की कुल जनसंख्या में 8% मूलवासी लोग हैं
* भारत में इन्हें आदिवासी या अनुसूचित जनजाति कहा जाता है
* भारत के आदिवासी कृषि पर निर्भर रहते हैं
* अंग्रेज के आने से इन का नुकसान हुआ
* वनों की कटाई से इनका नुकसान हुआ
* इनके विकास के लिए ज्यादा कुछ नहीं किया गया
*यह बिछड़े हुए हैं

एक अंक वाले प्रश्न :- खाली स्थान भरो

1. ओजोन परत में छेद होने का प्रमुख कारण ……………. गैस की मात्रा में कमी का होना है।

उत्तर :- ओजोन

2. साझे …………. संसाधन को लेकर देशों के बीच हिंसक संघर्ष हुए हैं।

उत्तर :- जल

3. भारत में मूलवासी के लिए………… शब्द का प्रयोग किया जाता है।

उत्तर :- आदिवासी

निम्नलिखित दिए गए बहु-विकल्पीय प्रश्नों में दिए गए विभिन्न विकल्पों में से एक सही विकल्प का चयन करिये

4. रियो सम्मेलन कब हुआ

(क) 1992. (ख) 1997

(ग) 2002. (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

उत्तर :- क

5. विश्व का पहला बांध विरोधी आंदोलन कहाँ हुआ

(क) भारत. (ख) कनाडा

(ग) ऑस्ट्रेलिया (घ) नॉर्वे

उत्तर :- ग

6. उत्तर-दक्षिण विभेद क्या है

(क) उत्तर और दक्षिण दिशा में स्थित देशों के बीच विकास को लेकर मतभेद

(ख) विकसित और विकासशील देशों के बीच विकास को लेकर मतभेद

(ग) उपर्युक्त दोनों

(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर :- (ख)

7. निम्नलिखित में से किन संसाधनों को लेकर भू-राजनीति की जाती रही है

(i) इमारती लकड़ी
(ii) इंटरनेट
(iii) तेल
(iv) जल

(क) 1. ii, iii. iv
(ख) iii, ii
(घ) i, ii, iv
(ग) i, ii, iv

उत्तर :- घ

निम्नलिखित को सही करके पुनः लिखिए

8. क्योटो प्रोटोकाल 1992 में हुआ।

उत्तर :- 1997 में

9. प्रथम पृथ्वी सम्मेलन दक्षिण अफ्रीका में हुआ।

उत्तर :- ब्राजील

10. तेल भंडार में सऊदी अरब दूसरे नंबर पर है।

उत्तर :- पहले

निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए

11. “क्योटो प्रोटोकॉल” क्या है ?

उत्तर :- क्योटो प्रोटोकॉल जापान के शहर में हुए एक समझौते का नाम है जिसमें ग्रीन हाऊस गैसों के उत्सर्जन की कमी के लक्ष्य निर्धारित किए गए।

12. वैश्विक ताप वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) किसे कहते है?

उत्तर :- पर्यावरण प्रदूषण से विश्व के बढ़ते तापमान को ग्लोबल वार्मिंग कहते है।

13. विश्व जलवायु के सम्बन्ध में अन्टार्कटिका महाद्वीप की क्या भूमिका है ?

उत्तर :- विश्व जलवायु को सन्तुलित रखता है।

14. वायुमण्डल में ग्रीन हाऊस गैस बढ़ने से क्या प्रभाव होता है?

उत्तर :- ग्रीन हाऊस गैसे ओजोन परत को नुकसान पहुंचाती है।

15. जलवायु परिवर्तन और विश्व की तापवृद्धि का क्या कारण है ?

उत्तर :- बढ़ता औद्योगीकरण

16. रियो, 20 क्या है?

उत्तर :- 1992 के पहले पृथ्वी सम्मेलन के 20 वर्षों बाद 2012 में पुनः सम्मेलन हुआ। जिसे रियो + 20 कहा गया है।

दो अंक वाले प्रश्न :-
1. ‘एजेण्डा-21’ क्या है?

उत्तर :- रियो सम्मेलन में विकास के कुछ तौर-तरीके सिखाये गये इसे ही एजेण्डा-21 कहा गया।

2. रियो सम्मेलन के किन्हीं दो परिणामों का उल्लेख कीजिए ।

उत्तर :- i) ग्लोबल वार्मिग मुख्य चिन्ता के विषय के रूप में उभरा।
ii) टिकाऊ विकास पर जोर।

3. भारत और चीन को क्योटो प्रोटोकॉल की बाध्यताओं से छूट देने का क्या कारण था?

उत्तर :- क्योंकि ग्रीन हाऊस गैसों के उत्सर्जन में इनका योगदान अधिक नहीं था।

4. धरती के ऊपरी वायुमंडल में क्या परिवर्तन आ रहे है ?

उत्तर :- ओजोन परत में छेद जिसके कारण मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण को खतरा हुआ।

5. मूलवासियों के अस्तित्व को सबसे बड़ा खतरा क्या है?

उत्तर :- जंगल गायब हो रहे है तथा वन्य जीवन जन्तुओं की संख्या घट रही हैं।

6. विश्व की साझी सम्पदा के आकार में निरन्तर कमी के कोई दो कारण लिखिये।

उत्तर :- अंधाधुंध दोहन, बढ़ती जनसंख्या

7. जलवायु परिवर्तन के संबंध में अमेरिका की नीति क्या परिवर्तन आया है ?

उत्तर :- राष्ट्रपति ओबामा के कार्यकाल में अरबों डॉलर की सहायता वैश्विक तापन की समस्या से निपटाने के लिए दी गयी थी जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कहकर कि ऐसा करने से अमेरिका की GDP अगले 10 साल 2500 अरब डॉलर घटकर कमजोर हो जाएगी अमेरिका को पेरिस समझौते से अलग कर लिया है।

चार अंकीय प्रश्न :-
1. विश्व की साझी विरासत का क्या अर्थ है ? इसका दोहन और प्रदूषण कैसे होता है।

उत्तर :- ऐसी संपदा जिस पर किसी एक व्यक्ति या समुदाय का अधिकार नहीं वरन् संपूर्ण वैश्विक समुदाय का अधिकार हो, वैश्विक साझी संपदा कहलाती है। दोहन एवं प्रदूषण के कारण :

i) निजीकरण
ii) गहनतर खेती
iii) आबादी की वृद्धि
iv) परिस्थितिकी तंत्र की गिरावट।
v) कार्बन गैसों का अत्याधिक उत्त्सजन।

2. साझी संपदा की सुरक्षा के संबंध में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर किये गये प्रयासों की विवेचना कीजिए।

उत्तर :- स्मरणीय विन्दु देखें।

3. पर्यावरण संरक्षण के सन्र्दभो में साझी जिम्मेदारी लेकिन अलग अलग भूमिका के विषय में भारतीय दृष्टिकोण क्या है?

उत्तर :- भारत का विचार है कि ग्रीन हाऊस गैसों की उत्सर्जन दर में कमी करने की अधिक जिम्मेदारी विकसित देशों की है, क्योंकि इन देशों ने लम्बी अवधि तक इन गैसों का ज्यादा उत्सर्जन किया है तथा विलासिता एवं आवश्यकता में अन्तर होना चाहिए।

4. मूलवासी कौन है? उनके अधिकारी पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर :- स्मरणीय बिन्दु देखें।

5. टिकाऊ विकास क्या है ? इसको कैसे लागू किया जा सकता है ?

उत्तर :- अर्थ के लिए स्मरणीय बिन्दु देखें, लागू करने के तरीके।

i) अपरिग्रह की भावना (आवश्यकताओं में कमी)
ii) आवश्यकता अनुसार उत्पादन करना।
iii) प्राकृतिक सह अस्तित्व।
iv) प्राकृतिक साधनों का उचित एवं पूर्ण प्रयोग ।

छ: अंकों वाले प्रश्न :-
1. वैश्विक राजनीति में पर्यावरण की चिन्ता अपरिहार्य है। स्पष्ट करें। (IMP)

उत्तर :- निम्न कारणों से वैश्चिक राजनीति में पर्यावरण की चिन्ता अपरिहार्य है :-
i) बढ़ता प्रदूषण
ii) ओजोन परत में छेद
iii) स्वच्छ पेयजल की कमी।
iv) जैव विविधता को खतरा
v) उपजाऊ जमीन, मस्त्य भंडार, चारगाह का तेजी से घटना
vi) जल चक्र गड़बड़ाने का खतरा
vii) प्राकृतिक संसाधनों का दोहन
viii) जनसंख्या विस्फोट।

2. विश्व में पर्यावरण प्रदूषण के क्या कारण है और इसका संरक्षण कैसे किया जा सकता है? विचार प्रकट करे।

उत्तर :- विश्व में पर्यावरण प्रदूषण के उत्तरदायी कारक :-
i) जनसंख्या वृद्धि
ii) वनो की कटाई
iii) उपभोक्तावादी संस्कृति को बढ़ावा
iv) संसाधनों का अत्याधिक दोहन
v) औद्योगिकीकरण को बढ़ावा।
vi) परिवहन के अत्यधिक साधन।

संरक्षण के उपाय :-
i) जनसंख्या नियंत्रण
ii) बन संरक्षण
iii) पर्यावरण मित्र तकनीक का प्रयोग
iv) प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित प्रयोग।
v) परिवहन के सार्वजनिक साधनों का प्रयोग
vi) जन जागरूकता कार्यक्रम
vii) अन्तराष्ट्रीय सहयोग।

3. “सांझी जिम्मेदारी लेकिन अलग-अलग भूमिकाएँ से क्या अभिप्राय है? हम इस विचार को कैसे लागू कर सकते है ? (IMP)

उत्तर :- “साझी जिम्मेदारी भूमिकाएँ अलग-अलग :- स्मरणीय बिन्दु देखें।

विचार को लागू करने के उपाय :-
i) पर्यावरण संरक्षण हेतु अंतर्राष्ट्रीय कानून विकासशील देशों के अनुकूल हो।
ii) पर्यावरण संरक्षण हेतु संयुक्त कोष।
iii) व्यक्तिगत, क्षेत्रीय, राजकीय, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास।
iv) साझी संपदा तथा संसाधनों पर अनुसंधान कार्य

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